राजस्थान वन नीति 2023 | Rajasthan Forest Policy 2023

राजस्थान वन नीति 2023 (Rajasthan Forest Policy 2023): विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) पर हेमाराम चौधरी द्वारा राजस्थान वन नीति 2023 जारी की गई है जिसमें 20% वनारोपण का लक्ष्य है। वन मंत्री हेमाराम चौधरी ने कहा कि प्लास्टिक का पुन: उपयोग और रीसायकल करना जरूरी है। प्लास्टिक रोकने के लिए आमजन का सहयोग मिलना चाहिए, केवल प्रतिबंध लगाकर इसे नहीं रोका जा सकता। 

  • राजस्थान सरकार द्वारा 8 फरवरी 2010 में अपनी पहली राज्य वन नीति घोषित की गई थी। 
  • राजस्थान में सर्वप्रथम 1910 में जोधपुर रियासत द्वारा वनों के संरक्षण संबंधी कानून बनाया गया। 
  • उसके बाद अलवर रियासत द्वारा 1935 में इस सम्बन्ध में कानून बनाया गया।

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कालीतीर लिफ्ट परियोजना, धौलपुर | Kaliteer Lift Scheme, Dholpur Map

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 6 जून 2023 को कालीतीर लिफ्ट परियोजना का शिलान्यास एवं सिलावट एनीकट परियोजना का लोकार्पण कर धौलपुर जिले के लोगों को सौगातें दी। श्री गहलोत ने मुख्यमंत्री निवास से वीसी के जरिए शिलान्यास एवं लोकार्पण कर ये सौगातें दीं। इस अवसर पर आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से धौलपुर जिले में जलस्तर में वृद्धि होगी। किसानों को सिंचाई के लिए लम्बे समय तक पर्याप्त जल मिलेगा, जिससे वे वर्षभर खेती कर सकेंगे और उनकी आय भी बढ़ेगी।

बसेड़ी विधानसभा की सरमथुरा तहसील में कालीतीर लिफ्ट परियोजना के निर्माण में 643 करोड़ रुपए व्यय होंगे। चम्बल नदी में वर्षाकाल के दौरान अत्यधिक जल को लगभग 180 मीटर लिफ्ट कर पार्वती बांध और रामसागर बांध को हर वर्ष पूरी क्षमता तक भरा जाएगा। इससे कमांड क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा सुनिश्चित हो सकेगी। इन बांधों के भरने से जिले की जीवनदायनी बामनी, पार्वती और उटंगन नदियों में हमेशा जल उपलब्ध रहेगा। इससे बसेड़ी विधानसभा क्षेत्र के 3, बाड़ी के 4, धौलपुर के 1 और राजाखेड़ा के 10 एनीकट में जलभराव संभव होगा।  इस परियोजना से धौलपुर जिले के 3 शहरी और 433 ग्रामीण क्षेत्रों के लिए आवश्यक पेयजल भी उपलब्ध हो सकेगा। जिले का भूजल स्तर बढ़ने से किसानों को सिंचाई के लिए और आमजन व पशुओं के लिए पीने का पानी भी आसानी से सुलभ हो सकेगा। 



Rajasthan Current Affairs April 2023

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Behavioural Lab will be set up in Jaipur

A Behavioural Lab will be set up at Harish Chandra Mathur Rajasthan Institute of Public Administration (HCM-RIPA) in Jaipur. Chief Minister Shri Ashok Gehlot has given the financial approval of Rs 1.22 crore for this laboratory. This will be set up in Patel Bhawan at HCM-RIPA. This will be the first Behavioural Lab in the country to be built with state-of-the-art technology. IIM Udaipur will manage and run this lab which will be set up on 2665.04 square feet area. The Faculty of IIM will impart training on applied methods. Certificate courses of Ph.D level will be conducted here. Experts of international level will be involved in conducting experiments and workshops.

Human behaviour will be studied with the help of innovative technology including ultramodern software and hardware. All necessary rooms will be built in the ultramodern laboratory including Focus Group Room, PC Lab, Control Room for Measurement, Waiting Area and Office Space. Training programmes will be organised in various colleges and universities in the field of experiential studies through this laboratory along with imparting training to teachers and organising training programmes in the field of practical training.

नन्दन कानन योजना

नन्दन कानन योजना: राजस्थान में गहलोत सरकार मंदिरों की भूमि की चारदीवारी कर उन्हें संरक्षित एवं विकसित करने के लिए देवस्थान विभाग 'नन्दन कानन योजना' बना रहा है। देवस्थान मंत्री शकुन्तला रावत ने विधानसभा में बताया कि इस योजना के तहत पीपल, आंवले तथा कल्पवृक्ष आदि के पौधे लगाकर मंदिरों की भूमि को विकसित एवं संरक्षित किया जाएगा। नवाचार के रूप में सभी मंदिरों की भूमि का ईपीएस के माध्यम से सीमाज्ञान करवाया जाएगा।

पीपलखूंट हाइलेवल कैनाल, प्रतापगढ़

 पीपलखूंट हाइलेवल कैनाल, प्रतापगढ़: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 28 मार्च 2023 को प्रतापगढ़ जिले में ‘पीपलखूंट हाइलेवल कैनाल’ के निर्माण के लिए 2000 करोड़ रूपए के वित्तीय प्रस्ताव का अनुमोदन किया है। इस योजना से जिले के 5000 हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।  उल्लेखनीय है कि श्री गहलोत ने पूर्व में ‘पीपलखूंट हाइलेवल कैनाल’ के निर्माण की बजट घोषणा की थी। उक्त घोषणा की क्रियान्विति में यह स्वीकृति दी गई है।

‘पीपलखूंट हाइलेवल कैनाल’ के तहत माही बेसिन के अधिशेष जल से प्रतापगढ़ जिले के अनकमांड क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। इस योजना से जिले की पीपलखूंट तहसील के पीपलखूंट, राझड़ी चौकी, टामटिया, नालचौकी, नालदा, केलामेला, बोरी, महूड़ीखेड़ा, मोरवानिया, ठेचला, सोबनिया, जेथलिया आदि गांव लाभान्वित होंगे। मुख्यमंत्री की इस स्वीकृति से 3.72 टीएमसी अतिरिक्त सिंचाई जल उपलब्ध होने से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा तथा क्षेत्र का विकास सुनिश्चित हो सकेगा।

मिलेटस उत्कृष्टता केंद्र, जोधपुर

 वर्ष 2023 में अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष (International Year of Millets- IYM) मनाने के भारत के प्रस्ताव को वर्ष 2018 में खाद्य और कृषि संगठन (FAO) द्वारा अनुमोदित किया गया था तथा संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष के रूप में घोषित किया है।

राजस्थान सरकार 5 करोड़ रूपये की लागत से मिलेटस उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना जोधपुर में करने जा रही है, इसके साथ ही 100  प्राथमिक प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए 40  करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है। 

राजस्थान में मिलेट्स के तहत बाजरा और ज्वार प्रमुख फसलें हैं। बाजरा उत्पादन में राजस्थान का देश भर में प्रथम और ज्वार उत्पादन में तीसरा स्थान है। राज्य के दक्षिणी जिलों के  जनजातीय क्षेत्रों में सावां,कांगनी, कोदों, कुटकी इत्यादि मिलेट्स की भी खेती होती है।