Showing posts with label Business News. Show all posts
Showing posts with label Business News. Show all posts

राजस्थान बजट 2018-19

राजस्थान बजट 2018-19 प्रमुख बिंदु, सार (Full in PDF Hindi):

  • कृषि, कृषक एवं पशुपालक कल्याण:
    • राज्य सरकार पर लगभग 8 हजार करोड़ के वित्तीय भार से लघु एवं सीमांत कृषकों के सहकारी बैंकों में 30 सितंबर 2017 को overdue अल्पकालीन फसली ऋण में समस्त शास्तियों एवं ब्याज माफी और outstanding अल्पकालीन फसली ऋण में से 50 हजार तक के कर्ज़े की एकबारीय माफी का निर्णय
    • ‘राजस्थान राज्य कृषक ऋण राहत आयोग‘ के गठन की घोषणा की गई।
    • राजस्थान राज्य भंडार व्यवस्था निगम द्वारा 350 करोड़ की लागत से 5 लाख मैट्रिक टन भंडारण क्षमता के गोदामों का निर्माण।
    • समस्त श्रेणी के कृषकों को Farm Pond निर्माण पर पूर्व में देय लागत के 50 प्रतिशत अनुदान को बढ़ाकर 60 प्रतिशत किये जाने पर देय 10 प्रतिशत top-up अनुदान हेतु 14 करोड़ का प्रावधान, जल हौज निर्माण पर वर्तमान में देय 50 प्रतिशत अनुदान पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत top-up अनुदान देते हुए अधिकतम अनुदान की सीमा को 75 हजार से बढ़ाकर 90 हजार करते हुए, 5 करोड़ 40 लाख का प्रावधान।
    • गौशालाओं को चारा पशुआहार के लिए वर्तमान में 90 दिन (तीन माह) की सहायता को बढ़ाकर 180 दिन (6 माह)। पंजीकृत गौशालाओं में आधारभूत संरचना के विकास हेतु गौसंरक्षण एवं संवर्धन निधि से 50 करोड़।
    • कृषि आधारित उद्योगों एवं सेवाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ब्याज अनुदान की सीमा को पांच लाख रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाकर सात लाख पचास हजार रुपये प्रतिवर्ष की जाती है। इसके अतिरिक्त महिलाओं, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, निर्याग्य एवं 40 वर्ष तक की आयु के राजस्थान के मूल निवासी उद्यमियों हेतु ब्याज अनुदान की सीमा को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 6 प्रतिशत किया गया है।
    • काश्तकारों को राहत प्रदान करने के लिये खरीफ सम्वत 2075 वर्ष 2018-19 से भूमि पर लगने वाले लगान (भू-राजस्व) को माफ किया जाता है। इससे लगभग 40 से 50 लाख किसान लाभन्वित होंगे।
    • ग्रामीण क्षेत्रों में किसानो द्वारा कृषि भूमि की खरीद-बेचान में राहत प्रदान करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में 1000 वर्गमीटर तक की कृषि भूमि का मूल्यांकन आवासीय के स्थान पर कृषि भूमि की दर से किया जायेगा।
  • उद्योग 
    • भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्रा में भूमिगत pipeline सहित Common Effluent Treatment Plant (CETP) के upgradation के कार्य-ृ146 करोड़ की लागत।
    • दिल्ली-मुंबई इण्डस्ट्रीयल कॉरीडोर परियोजना के अंतर्गत भूमि का मुआवजा देने के लिए 400 करोड़ का प्रावधान।
    • व्यवहारियों की समस्याओं के त्वरित समाधान, सामाजिक सुरक्षा, बीमा आवश्यकताओं एवं अधिनियमों/ नियमों से संबंधित सुझावों हेतु व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया जायेगा दस करोड़ रुपये की प्रारम्भिक राशि से व्यापारी कल्याण निधि की स्थापना की जायेगी।
    • दिनांक 1 जुलाई, 2017 से जी.एस.टी. क्रियान्यन के पश्चात् वैट एवं सी.एस.टी. आधारित अनुदान अब एस.जी.एस.टी. के आधार पर दिये जायेंगे। और यह अनुदान सीधे ही उद्यमियों के बैंक खातों में सीधे अंतरित किये जायेंगे।
    • राजस्थान के मूल निवासियों को रोजगार में बढ़ावा देने के उद्देश्य से रोजगार अनुदान की राशि प्रत्येक श्रेणी के लिये 5000 रुपये बढ़ाई गई है। इस क्रम में अति पिछड़े एवं पिछड़े क्षेत्रों हेतु रोजगार अनुदान की राशि श्रेणीवार 40 हजार रुपये एवं 35 हजार रुपये से बढ़ाकर क्रमशः 45 हजार रुपये एवं 40 हजार रुपये किया गया है।
    • सूचना प्रौद्योगिकी, मनोरंजन एवं पर्यटन क्षेत्रा की इकाई की स्थापना हेतु बहुमंजिला व्यवसायिक भवनों में तल/स्थान के खरीद/लीज पर लिये जाने पर स्टाम्प ड्यूटी में 50 प्रतिशत छूट देय होगी।
    • सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एस. जी.एस.टी. से सम्बन्धित निवेश अनुदान को 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत किया गया है।
    • सूक्ष्म एवं लघु क्षेत्रा की बीमार इकाईयों को राहत प्रदान करने हेतु एस.जी.एस.टी. की बकाया को 24 किश्तों में जमा कराने की सुविधा दी गई है।
    • सूक्ष्म एवं लघु क्षेत्रा की बीमार इकाईयों को पुनर्वास पैकेज की दिनांक से विद्युत शुल्क की 100 प्रतिशत छूट उपलब्ध होगी।
    • भारत सरकार की ‘‘ज़ीरो डिफेक्ट एण्ड ज़ीरो इफेक्ट’’ (जेड.ई.डी.) योजना के अन्तर्गत कम से कम रजत श्रेणी प्राप्त करने के लिये अपेक्षित मशीनरी एवं उपकरणों की खरीद मूल्य के 50 प्रतिशत का पुनर्भरण किया जायेगा जिसकी अधिकतम सीमा पांच लाख रुपये होगी।
  • सड़क एवं परिवहन :


    • 766 करोड़ की लागत से ग्रामीण गौरव पथ योजना एवं मिसिंग लिंक योजना से शेष रहे ग्राम पंचायत मुख्यालयों को जोड़ना
    • 2 हजार 452 करोड़ की लागत से ADB Tranche-I में 980 किलोमीटर सड़क निर्माण
    • 2 हजार 274 करोड़ की लागत से ADB एवं विश्व बैंक ऋण पोषित योजना से जोधपुर, नागौर और पाली में 882 किलोमीटर सड़क निर्माण
    • अजमेर को छोड़कर शेष 6 संभागीय मुख्यालयों एवं सात अन्य जिलों पाली, दौसा, सीकर, चित्तौड़गढ़, अलवर, झालावाड़ एवं डीडवाना-नागौर के अलावा बाकी रहे जिला परिवहन कार्यालयों में fully automated driving tracks का निर्माण कार्य
    • राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की बसों में 80 वर्ष से अधिक की आयु के वृद्धजनों को मुफ्त यात्रा सुविधा के साथ ही उनके एक अटेंडेंट को 50 प्रतिशत की रियायती दर पर यात्रा सुविधा
    • राज्य के public passenger transport vehicles जो एल.पी.जी./सी.एन.जी./सौर ऊर्जा से संचालित हैं पर देय एकमुश्त कर की राशि में 25 प्रतिशत की छूट।
  • जल संसाधन, सिंचाई एवं पेयजल:


    • प्रदेश के 13 जिलों में पेयजल एवं सिंचाई की दीर्घकालीन आवश्यकता को पूरा करने के लिए 37 हजार करोड़ की लागत वाली ERCP परियोजना
    • बीसलपुर बांध में पानी की आवक बढ़ाने के लिए 6 हजार करोड़ की लागत वाली ब्राह्मणी-बनास परियोजना
    • बांसवाड़ा जिले में अनास बांध निर्माण योजना में 1 हजार करोड़ की लागत से सिंचाई एवं पेयजल सुविधा का विस्तार
    • 3 हजार करोड की लागत से उदयपुर एवं राजसमंद में जाखम तथा देवास III एवं IV से पानी लाने के लिए परियोजना
    • Regional Water Grid बनाकर, राज्य में पेयजल की उपलब्धता एवं आपूर्ति का दूरगामी समाधान करने के लिए राजसमंद, चित्तौड़गढ़ एवं उदयपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल के लिए 450 करोड लागत से Mahi High Level Canal to Jaisamand Drinking Water Project एवं बीसलपुर-जयपुर पेयजल परियोजना फेज़ द्वितीय में 1 हजार करोड़ की लागत से सूरजपुरा WTP में अतिरिक्त जलशोधन क्षमता विकसित कर बालावाला तक 97 किलोमीटर लंबी दूसरी मुख्य पाइपलाइन बिछाना
  • ऊर्जा :
    • प्रसारण एवं वितरण तंत्रा के विकास हेतु आगामी वित्तीय वर्ष में 400 केवी का एक, 132 केवी के 15 तथा 33 केवी के 200 नये सब-स्टेशन का लोकार्पण
    • ग्रामीण क्षेत्रों में दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना तथा शहरी क्षेत्रों में Integrated Power Development Scheme के अंतर्गत 7 लाख नये घरेलू विद्युत कनेक्शन
    • विद्युत वितरण कंपनियों के संगठनात्मक ढांचे में सुधार हेतु विद्युत उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए 24 नये खण्ड एवं 93 उपखण्ड कार्यालय खोलना
    • जनवरी 2012 तक लंबित 2 लाख कृषि कनेक्शन वर्ष 2018-19 में दिया जाना
  • महिला एवं बाल विकास :
    • महिला मानदेयकर्मियों का मानदेय बढ़ाते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 6 हजार, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को 4 हजार 500, सहायिका को 3 हजार 500, साथिन को 3 हजार 300 एवं आशा सहयोगिनी को 2 हजार 500 प्रतिमाह देने से 1 लाख 84 हजार महिला मानदेयकर्मी लाभान्वित
    • आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा मानदेयककर्मियों द्वारा देय अंशदान को समाप्त करते हुए, बीमा योजना के प्रीमियम की शत-प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा वहन और लाभान्वितों में साथिन सहित 1 लाख 84 हजार महिला मानदेयकर्मी लाभान्वित
    • 15 से 45 आयुवर्ग की ग्रामीण बालिकाओं एवं महिलाओं में Menstrual Hygiene Scheme में stake holder sensitization के साथ sanitary pads का वितरण पर 76 करोड़ का प्रावधान
    • बाल विकास परियोजनाओं में नियोजित करने के लिए 1 हजार Nursing Training Teachers की भर्ती
    • पंजीकृत महिला दुग्ध समितियों को 2 हजार लीटर क्षमता के 750 Bulk Milk Cooler एवं 1 हजार लीटर क्षमता के 250 Bulk Milk Cooler की खरीद पर लागत राशि का 50 प्रतिशत अनुदान

चिकित्सा एवं चिकित्सा शिक्षा :

    • अग्नि संबंधी दुर्घटनाओं से बचाव के लिए प्रदेश के 27 जिला चिकित्सालयों में आधुनिक Fire Fighting एवं Fire Detection System पर 7 करोड़ 29 लाख व्यय
    • प्रदेश के 27 जिला चिकित्सालयों में roof top solar विद्युत संयंत्रों की स्थापना
    • धौलपुर में नवीन मेडिकल कॉलेज की स्थापना
    • 120 करोड़ की लागत से 28 नवीन PHC तथा 16 PHC को CHC में क्रमोन्नत करना
    • 4 हजार 514 नर्स ग्रेड-प्प् तथा 5 हजार 558 महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता की भर्ती
    • 1 करोड़ 50 लाख की लागत से जयपुरिया अस्पताल में स्वाईन फ्लू व VDRL Lab
    • SMS Hospital मेडिकल कॉलेज बीकानेर और अजमेर में नवीन कैथ लैब हेतु 6 करोड़ और 7 करोड़ 90 लाख की लागत से दो नये examination hall
    • अजमेर में 1 करोड़ 15 लाख की लागत से Angiojet Thrombectomy System की स्थापना और 1 करोड़ 20 लाख की लागत से 8 ventilators की स्थापना
    • जोधपुर मेडिकल कॉलेज में ambulance and equipments के लिए 1 करोड़ 50 लाख का प्रावधान
    • 1 करोड़ 10 लाख की लागत से मेडिकल कॉलेज, उदयपुर में Anesthesia विभाग हेतु स्वाईन फ्लू के रोगियों के लिए ICU Ventilator एवं Nephrology Department में 4 नवीन Dialysis Machines की स्थापना
    • 1 करोड़ 96 लाख की लागत से मेडिकल कॉलेज, झालावाड़ के ENT उपकरणों की खरीद करने एवं 7 नये Pediatric and Neonatal Ventilators की स्थापना
    • 3 करोड़ 72 लाख की लागत से मेडिकल कॉलेज, कोटा में Dual Imaging System, Blood Component Separation Unit, C-arm Machine
  • शिक्षा एवं रोजगार
    • आदर्श विद्यालयों हेतु 1 हजार 163 आदर्श विद्यालयों में 3 हजार 379 class rooms एवं toilets हेतु 360 करोड़ का प्रावधान
    • Mid-day Meal योजना में राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को सप्ताह में तीन बार दूध पोषाहार हेतु 250 करोड़ का प्रावधान
    • 54 हजार तृतीय श्रेणी अध्यापक सहित विभिन्न पदों पर कुल 77 हजार 100 रिक्त पदों पर भर्ती प्रस्तावित
    • कोटा मुख्यालय पर नवीन कृषि महाविद्यालय तथा अलवर जिले के नौगांवा कृषि अनुसंधान केन्द्र के परिसर में कृषि महाविद्यालय
    • राजकीय कन्या महाविद्यालय चित्तौड़गढ़, रतनगढ़-चूरू, गुढ़ा गौड़जी (उदयपुरवाटी) झुंझुनू, औसियां-जोधपुर एवं शिवगंज- सिरोही के महाविद्यालयों को PG महाविद्यालयों में क्रमोन्नत
    • UPSC, RPSC एवं Rajasthan Subordinate and Ministerial Services Selection Board द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं के साक्षात्कार में उपस्थिति हेतु प्रत्याशियों को RSRTC की बस में निःशुल्क यात्रा सुविधा
    • समस्त राजकीय महाविद्यालयों में निःशुल्क wi-fi सुविधा
    • आदर्श मदरसा योजना के तहत पंजीकृत ‘ए‘ श्रेणी के 500 मदरसों का चयन कर मदरसों के आधुनिकीकरण पर 25 करोड़ 18 लाख का प्रावधान
    • ‘कौशल प्रशिक्षण योजना‘ के तहत Entrepreneurship Development के उद्देश्य से 15 करोड़ का प्रावधान
    • 29 जिलों के रोजगार कार्यालयों को Model Career Centre के लिए 45 करोड़ का प्रावधान
    • 2 हजार पटवारियों की भर्ती करने की घोषणा ।
    • नयी मेवाड़ भील कोर बटालियन के लिए 1 हजार 161 कांस्टेबल्स की भर्ती एवं स्थापना पर `110 करोड़ 73 लाख का व्यय
  • अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक पिछड़ा वर्ग कल्याण :
    • ‘राजस्थान अनुसूचित जाति जनजाति वित्त एवं विकास सहकारी निगम‘ द्वारा `2 लाख तक के बकाया ऋण एवं ब्याज को माफ किये जाने की घोषणा-`114 करोड़ का भार ।
    • प्रत्येक नगरपालिका क्षेत्रा में एक-एक अंबेडकर भवन बनाये जाने की घोषणा-80 करोड़ की लागत से।
    • छोटे कामगारों-केश कलाकार, कुम्हार, मोची, बढ़ई, रिक्शावाला और plumbers आदि को `2 लाख के ब्याजमुक्त ऋण की घोषणा।
    • ‘भैरोंसिंह शेखावत अंत्योदय स्वरोजगार योजना‘ की घोषणा, इस योजना मे 50 हजार परिवारों को `50 हजार तक का ऋण 4 प्रतिशत ब्याज पर बिना रहन उपलब्ध करवाया जायेगा।
    • जनजाति उपयोजना क्षेत्रा के 1 लाख 70 हजार 660 किसानों को सोलर लैंप दिये जाने की घोषणा ।
    • जनजाति उपयोजना क्षेत्रा में सहरिया एवं कथोड़ी जाति के परिवारों को उपलब्ध सुविधायें अब खैरवा जाति के परिवारों को भी उपलब्ध करवाये जाने की घोषणा।
    • जनजाति उपयोजना क्षेत्रा के उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़, सिरोही तथा बारां जिले की किशनगंज एवं शाहबाद तहसीलों के जनजाति, गैर-जनजाति बीपीएल एवं अन्त्योदय परिवार के किसानों को 8 लाख बीज मिनिकिट्स का निःशुल्क वितरण- `14 करोड़ का व्यय।
    • 1 हजार नवीन माँ-बाड़ी केन्द्र मय गैस कनेक्शन प्रारंभ करने की घोषणा- प्रतिवर्ष `36 करोड़ व्यय कर 30 हजार बच्चों को लाभान्वित किया जायेगा।
    • देवनारायण योजना में 10 नवीन आवासीय विद्यालयों तथा एक छात्रावास का निर्माण करवाये जाने की घोषणा
    • ‘सुन्दर सिंह भण्डारी EBC स्वरोजगार योजना‘ में 50 हजार परिवारों को `50 हजार तक का ऋण 4 प्रतिशत ब्याज पर बिना रहन उपलब्ध करवाया जायेगा।
  • शहरी विकास :
    • समस्त नगरपालिका क्षेत्रों में सड़कों-नालियों की maintenance एवं renewal सहित अंबेडकर भवनों के निर्माण, बरसाती पानी के निकास की व्यवस्थाए श्मशान एवं कब्रिस्तान के विकास तथा सार्वजनिक शौचालयों के लिए `1 हजार करोड़ के प्रावधान की घोषणा
    • ‘अन्नपूर्णा रसोई योजना‘ हेतु `340 करोड़ का प्रावधान, 500 अंदे मार्च 2018 तक क्रियाशील हो जायेंगी।
    • अन्नपूर्णा रसोई योजना का विस्तार करते हुए प्रत्येक जिला कलक्टर कार्यालय परिसर में ऐसी सुविधा उपलब्ध करवाये जाने की घोषणा, चाय एवं शुद्ध पेयजल भी उपलब्ध करवाया जायेगा।
    • जयपुर में 40 नई इलेक्ट्रिक बसें चलाये जाने की घोषणा-`72 करोड़ की लागत।
    • द्रव्यवती नदी प्रोजेक्ट में स्मार्ट कोरिडोर को विकसित करने की घोषणाँ- `50 करोड़ का व्यय ।
    • कोटा शहर में aerodrome circle पर flyover के निर्माण पर-`150 करोड़ का व्यय ।
    • बीकानेर में 2 हजार 500 EWS एवं LIG के फ्लेट्स उपलब्ध करवाया जाना-`110 करोड़ की लागत।
    • राजस्थान आवासन मंडल द्वारा जनसहभागिता के माध्यम से 16 हजार आवासों का निर्माण ।
    • अजमेर पुष्कर के बीच वैकल्पिक tunnel का निर्माण-`55 करोड़ की लागत।
    • ‘‘सबको आवास’’ का सपना पूरा करने के लिये मुख्यमंत्रा जन आवास योजना के तहत कमजोर आय वर्ग तथा अल्प आय वर्ग श्रेणी के व्यक्तियों के पक्ष में आवंटित आवासीय यूनिटों के दस्तावेजों पर स्टाम्प ड्यूटी क्रमशः 2 प्रतिशत तथा 3.5 प्रतिशत को घटाकर 1 प्रतिशत और 2 प्रतिशत की जायेगी। इस योजना के तहत निष्पादित विक्रय इकरानामों के दस्तावेजों पर पंजीयन शुल्क 0.25 प्रतिशत एवं अधिकतम 10 हजार रूपये से घटाकर एक हजार रूपये किया जायेगा।
    • गरीब परिवारों की सहायता के उद्देश्य से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के व्यक्तियों के पक्ष में स्थानीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों द्वारा निःशुल्क या टोकन मनी के बदले जारी पट्टों पर स्टाम्प ड्यूटी में रियायत दी जायेगी।
    • नगरीय निकाय/प्राधिकरणों/नगर सुधार न्यासों एवं आवासन मण्डल के लीज होल्डर्स द्वारा पूर्व की समस्त बकाया वार्षिक लीज राशि दिनांक 31.12.2018 तक एक मुश्त जमा कराये जाने पर बकाया लीज राशि के ब्याज में शत-प्रतिशत छूट दी जायेगी।
    • विकास प्राधिकरणों/नगर विकास न्यासों/राजस्थान आवासन मण्डल द्वारा दिनांक 01.01.2001 से आवंटित ई.डब्लू.एस./एस.आई.जी. आवासों की बकाया किश्तों की राशि आवंटियों द्वारा दिनांक 31 दिसम्बर, 2018 तक एक मुश्त जमा करने पर ब्याज तथा शास्ति में शत्-प्रतिशत की छूट दी जायेगी।
    • नगरीय निकायों की तरफ बकाया नगरीय विकास कर की राशि एकमुश्त जमा कराये जाने पर बकाया नगरीय विकास कर की शास्ति व ब्याज में शत-प्रतिशत छूट दी जायेगी। यह छूट दिनांक 01.04.2018 से 31 दिसम्बर, 2018 तक प्रभावी रहेगी।
  • पर्यटन, कला एवं संस्कृति :
    • कोटा, भीलवाड़ा, अजमेर, झालावाड़, बाड़मेर, जोधपुर, जैसलमेर, चूरू, बीकानेर, बारां, उदयपुर एवं भरतपुर में 19 स्मारकों के संरक्षण एवं पुनरूद्धार कार्य -`33 करोड़ 25 लाख का व्यय
    • आमेर, जयपुर को Iconic Tourism Destination बनाने हेतु `20 करोड़ का व्यय
    • माही बांध परिक्षेत्रा में `10 करोड़ की लागत से 100 islands क्षेत्रा का विकास
    • राज्य में स्थित राष्ट्रीय राजमार्गों पर `3 करोड़ की लागत से पर्यटकों की सुविधार्थ अंतरराष्ट्रीय मानकों के शौचालय बनाये जायेंगे।
    • पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का विकास करने के लिए `2 करोड़ का प्रावधान
    • विजवा माता मंदिर, डूंगरपुर, लोहार्गल तीर्थ, झुंझुनू और मुरली मनोहर मंदिर तथा रघुनाथ मंदिर रतनगढ़, चूरू के विकास हेतु `10 करोड़ का प्रावधान
    • नये 6 पैनोरमा-अलवर में राजा भर्तृहरि, भीलवाड़ा के मालासेरी में भगवान देवनारायण, राजसमंद में महाराणा कुंभा माल्यावास मदारिया, सीकर में भक्त शिरोमणी करमेती बाई खण्डेला, अजमेर में श्री सैन महाराज, पुष्कर एवं चित्तौड़गढ़ में भगवान श्री परशुराम, मातृकुण्डिया की घोषणा-`10 करोड़ का प्रावधान
    • जनजाति स्वतंत्राता संग्राम संग्रहालय, मानगढ़धाम के लिए इस वर्ष `7 करोड़ की स्वीकृति
    • मंदिर माफी से जुड़े हुए विभिन्न विषयों एवं समस्याओं के समाधान हेतु एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किये जाने की घोषणा
  • सूचना प्रौद्योगिकी :
    • ग्रामीण क्षेत्रों में 1 हजार और Bhamashah ATM स्थापित की जायेगी।
    • शहरी क्षेत्रों के लिए 2 हजार 500 ई-मित्रा प्लस स्थापित किये जायेंगे।
    • building plan proposal को 3D Building Infrastructure Model (BIM) based किया जाकर 4 Smart Cities -जयपुर, उदयपुर, अजमेर तथा कोटा में लागू किया जायेगा।
    • आम जनता को घर बैठे ही ऑनलाईन पंजीयन हेतु दस्तावेज प्रस्तुतीकरण की व्यवस्था को 518 उप-पंजीयक कार्यालयों में चरणबद्ध रूप से लागू किया जायेगा।
    • 100 तहसीलों में पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के ई-पंजीयन सॉफ्टवेयर का राजस्व विभाग के ई-धरती सोफ्टवेयर से इन्टीग्रेशन कर पंजीकृत दस्तावेज के ऑनलाईन भिजवाने की व्यवस्था की जायेगी ताकि राजस्व प्राधिकारी द्वारा शीध्र नामान्तरण की कार्यवाही की जा सकेगी।
    • लीज आदि के दस्तावेजों में नाम हस्तान्तरण की कार्यवाही शीध्र करने के लिये पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के ई-पंजीयन सोफ्टवेयर को स्वायत्त शासन विभाग एवं नगरीय विकास विभाग के स्मार्ट-राज सोफ्टवेयर से जोड़ा जायेगा।
    • आम जनता को पंजीकृत दस्तावेजों की प्रति ऑनलाईन प्राप्त करने में सहायता के क्रम में सितम्बर, 2012 से अगस्त, 2015 तक के दस्तावेजों की स्केनिंग एवं इन्डेक्सिंग का कार्य किया जायेगा। हम वर्ष 2017-18 में सितम्बर, 2015 से अगस्त, 2017 तक के दस्तावेजों की स्केनिंग एवं इन्डेक्सिंग का कार्य पूर्ण करने की प्रक्रिया में है।
    • कलक्टर (मुदं्राक) द्वारा पारित निर्णयों की प्रतियां ऑनलाईन उपलब्ध करायी जायेगी। राज्य में शेष बचे 34 उप पंजीयक कार्यालयों को भी ई-स्टाम्प से जोड़ा जायेगा।
  • वैट एवं GST :
    • व्यवाहारियों की कठिनाईयों को देखते हुये वर्ष 2016-17 एवं 2017-18 के रिटर्न फॉर्म वैट-10, वैट-11 एवं वैट-10ए को प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 31.03.2018 तक बढ़ाई गई है।
    • वैट व्यवस्था के शेष रहे आगत कर मिसमैच के प्रकरणों के त्वरित निष्पादन हेतु सरलीकृत सत्यापन मापदण्डों के अनुसार कैम्प आयोजित किये जायेंगे।
    • वर्ष 2015 से 2017 तक वैट, प्रवेश कर, मनोरंजन कर, विलासिता कर एवं मोटरयानों पर प्रवेश कर से सम्बन्धित मांग राशियों के निष्पादन हेतु विभिन्न एमनेस्टी योजनाओं में लगभग दो लाख प्रकरणों का निष्पादन किया गया है।
    • जीएसटी लागू होने पर निरसित अधिनियमों से संबंधित बकाया मांग के प्रकरणों के निस्तारण के लिये संबंधित अधिनियमों में अपेक्षित संशोधन होने पर एमनेस्टी योजना लायी जायेगी।
    • जी.एस.टी. के अन्तर्गत 1,81,000 नये करदाताओं को पंजीकृत किया गया जिसके परिणामस्वरूप वैट प्रणाली की अपेक्षा जी.एस.टी के कर आधार (Tax Base) में 35 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
    • आम आदमी एवं किसानों के उपयोग की लगभग 90 प्रतिशत वस्तुओं का कर भार, पूर्व कर भार (राजस्थान वैट + केन्द्रीय उत्पाद शुल्क) की अपेक्षा कम हुआ है।
    • आम आदमी पर कर भार में कमी आने के साथ-साथ जी.एस.टी. के अन्तर्गत राज्य के राजस्व में वद्धि हुई है। वर्ष 2015-16 को आधार वर्ष मानते हुए वैट राजस्व में 14 प्रतिशत की बढ़ोतरी के आधार पर राज्य को माह अक्टूबर, 2017 तक की अवधि के लिये 1911 करोड़ रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में प्राप्त हुये हैं, तथा माह नवम्बर-दिसम्बर, 2017 के लिये लगभग 751 करोड़ रुपये प्राप्त होना अपेक्षित है।
    • व्यवहारियों को जीएसटीएन पर रिटर्न फाईलिंग, पंजीयन, परामर्श इत्यादि सुविधाऐं नाममात्रा दरों पर उपलब्ध कराने के लिये राज्य सरकार ने तहसील स्तर तक 500 से अधिक जीएसटी-मित्रा केन्द्र स्थापित करके एक अभिनव प्रयास किया है। इन केन्द्रों के माध्यम से जीएसटी संबंधी उपरोक्त सेवाऐं 1 अप्रेल, 2018 से प्रदान की जायेगी।
    • कर प्रस्तावों में लगभग 650 करोड़ रुपये से अधिक की राहत दी गई है तथा कोई भी नया कर नहीं लगया गया है।
    • राजस्थान सरकार ने वर्ष 2018-19 के बजट में किसानों का कर्जा माफ करने, सत्ततर हजार रिक्त पद भरने तथा सड़क, सिंचाई, चिकित्सा, पेयजल सहित कई योजनाओं की घोषणा करते हुए 17 हजार 454 करोड़ 85 लाख रुपए का राजस्व घाटे का आज बजट प्रस्ताव पेश किया.
    • बजट प्रस्ताव के अनुसार सरकार को वर्ष 2018-19 में कुल एक लाख 51 हजार 663 करोड़ 50 लाख की राजस्व प्राप्तियां होगी तथा राजस्व व्यय एक लाख 69 हजार 118 करोड़ 35 लाख रूपये होगा.
    • राजे ने बताया कि वर्ष 2018-19 के बजट अनुमानों में राजकोषीय घाटा 28 हजार 11 करोड़ 21 लाख रूपये होने का अनुमान है जो कि राज्य का सकल घरेलू उत्पाद का दो दशमलव 98 प्रतिशत है और यह वित्तीय दायित्व एवं प्रबंधन अधिनियम की निर्धारित सीमा में है.
  • राजस्थान बजट 2018-19 in PDF Hindi
  • राजस्थान बजट 2018-19 Press Note Hindi

Rajasthan passes state GST bill 2017

Rajasthan Assembly on 26th April passed the Goods and Services tax (GST) bill 2017. A special session of the assembly had been called for the bill and on concluding day of the session the bill was passed with voice vote. Rajasthan thus becomes the third state after Telengana and Bihar to pass the bill.  "Complications of taxation are a tax in itself, thus through this bill the complexities or Tax system are being simplified" said industries minister of Rajasthan Rajpal Singh Shekhawat while presenting the bill at Rajasthan Assembly. "The difference in taxation in different states creates parallel economy within one economy of country, this also creates uncertainty. The GST will help bring uniformity and clarity in taxation and help the country and state to progress" he said. 

About GST and Rajasthan State GST Bill 2017: 

  1. Rajasthan assembly passed the state Goods and Services Tax Bill 2017 by voice vote on 26th April 2017. 
  2. Rajasthan becoming the third state after Telangana and Bihar to adopt the tax reform measure.
  3. The minister also informed the house that till date 4 lakh 24 thousand tax payers of the state have migrated to the GST system and the district level and state level committees have already held meeting for the purpose.
  4. 122nd Amendment Bill of the Constitution of India, officially known as The Constitution (One Hundred and First Amendment) Act, 2016, introduced a national Goods and Services Tax in India from 1 July 2017.
  5. GST is a Value added Tax (VAT) is proposed to be a comprehensive indirect tax levy on manufacture, sale and consumption of goods as well as services at the national level. It will replace all indirect taxes levied on goods and services by the Indian Central and state governments. 
  6. India is adopting a dual GST, wherein the Central GST will be called CGST and state SGST. The main road block is the coordination among states.
  7. Centre and states have to come to a consensus on uniform GST rates, inter-state transaction of goods and services, administrative efficiency and infrastructural preparedness to implement the new tax reform. 
  8. GST will do away with Gordian knot of multiple tax-rates which is a burden on the common man.
  9. An empowered committee was set up by the Atal Bihari Vajpayee administration in 2000 to streamline the GST model to be adopted and to develop the required back-end infrastructure that would be needed for its implementation.
  10. P. Chidambaram, the then Finance Minister, announced the target date for implementation of GST to be 1 April 2010 and formed another empowered committee of State Finance Ministers to design the road map. The committee submitted its report to the government in April 2008 and released its First Discussion Paper on GST in India in 2009.

राजस्थान बजट 2017-18

राजस्थान बजट 2017-18
राजकोषीय संकेतक - बजट 2017-18
वर्ष 2017-18 के बजट अनुमानों में राजस्व घाटा
– बिना उदय के प्रभाव के – 1528 करोड़ रुपये घाटा
– उदय के प्रभाव सहित – 13528 करोड़ रुपये घाटा
वर्ष 2017-18 का राजकोषीय घाटा 24753.53 करोड़ रुपये जो ळैक्च् का 2.99 प्रतिशत है।
वर्ष 2017-18 के बजट में कुल राजस्व आय 130162 करोड़ रुपये रहने की संभावना है।
वर्ष 2016-17 के संशोधित बजट अनुमानों में राज्य के स्वयं का कर राजस्व 59455 करोड़ रुपये की तुलना में वर्ष 2017-18 में 69062 करोड़ रुपये अनुमानित है जो 16.16 प्रतिशत अधिक है।
वर्ष 2017-18 में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद के प्रतिशत के रूप में राज्य की स्वयं की कर राजस्व आय 8.34 प्रतिशत अनुमानित है।
वर्ष 2017-18 के बजट अनुमानों में ब्याज भुगतान के मद में 19626.91 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है जो राज्य की कुल राजस्व प्राप्तियों का 15.08 प्रतिशत है।

कृषि एवं पशुपालन
* Global Rajasthan Agritech Meet to be organised at divisional level in next two years.
* किसानों को फव्वारा संयंत्रा हेतु देय अनुदान में 5 प्रतिशत की वृद्धि।
* कोटा, भीलवाड़ा एवं उदयपुर कृषि खंडों के जिलों में मुख्यमंत्रा बीज स्वावलंबन योजना प्रारंभ की जायेगी।
* 1180 किसान सेवा केन्द्र-कम-विलेज-नोलेज सेंटर पर बिजली पानी फर्नीचर के लिए 5.40 करोड़ रुपये का प्रावधान।
* प्रधानमंत्रा फसल बीमा योजना के तहत खरीफ में 53 लाख कृषकों के 73 लाख हैक्टेयर क्षेत्राफल का तथा रबी में 30 लाख कृषकों के 29 लाख हैक्टेयर क्षेत्राफल का बीमा किया गया।
* कृषि विभाग के लिए आगामी वर्ष में 3 हजार 156 करोड़ 61 लाख रुपये का प्रावधान
* 100 ग्राम सेवा सहकारी समितियों एवं लैंप्स में गोदाम एवं भवन निर्माण हेतु 10 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाये जायेंगे।
* झालरापाटन क्रय विक्रय सहकारी समिति में cold storage का निर्माण-3.50 करोड़ रुपये की लागत।
* स्पिनफैड के कर्मचारी-श्रमिकों की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति हेतु 50 करोड़ रुपये का प्रावधान।
* आगामी वर्षों में सभी शेष 4160 ग्राम पंचायतों में नवीन पशु चिकित्सा उप-केन्द्र खोले जायेंगे।
* संभागीय मुख्यालयों को टेलीमेडिसन के माध्यम से बीकानेर विश्वविद्यालय से जोड़ा जायेगा।
* 200 पशु चिकित्सा संस्थानों के भवनों का निर्माण – 49.40 करोड़ रुपये की लागत से।
* 900 पशु चिकित्साधिकारी एवं 4000 पशुधन सहायकों के रिक्त पदों को भरा जायेगा।
* 1000 नवीन महिला दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया जायेगा।
* चंबल नहर वितरण प्रणाली में 125 करोड़ रुपये की लागत से सुधार के कार्य करवाये जायेंगे।
* भाखड़ा सिंचाई प्रणाली, सिद्धमुख नहर प्रणाली तथा अमर सिंह नहर शाखा में 18 करोड़ रुपये की लागत से लाईनिंग के कार्य।
* माही , पाचना, चवली, छापी, गंभीरी, जवाई, भाखड़ा फेज-2 एवं गंग नहर फेज-3 के नहर प्रणाली क्षेत्रों में पक्के खाळों का निर्माण।
* परवन बहुद्देश्यीय सिंचाई परियोजना पर आगामी वर्ष में 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान।

आर्थिक एवं सामाजिक आधारभूत संरचना का विकास
* 2000 ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर 1200 करोड़ रुपये की लागत से ग्रामीण गौरव पथ एवं मिसिंग लिंक्स का निर्माण।
* 800 करोड़ रुपये की लागत से 5000 किलोमीटर अधिक लंबाई की ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण के कार्य RIDF 23 के अंतर्गत प्रारंभ किये जायेंगे।
* राज्य राजमार्गों को विकसित करने के लिए 580 करोड़ रुपये की लागत से 796 किलोमीटर लंबाई की 15 परियोजनाओं का कार्य प्रारंभ किया जायेगा।
* राज्य के 13 जिलों में खनिज महत्व की 220 किलोमीटर लंबाई की 26 सड़कों का विकास 242 करोड़ रुपये की लागत से करवाया जायेगा।
* प्रधानमंत्रा ग्राम सड़क योजना-द्वितीय चरण के तहत 3465 किलोमीटर लंबाई की ग्रामीण सड़कों के उन्नयन व रखरखाव के कार्य प्रारंभ करवाये जायेंगे।
* सार्वजनिक निर्माण विभाग के लिए वर्ष 2017-18 में 6657.32 करोड़ रुपये का प्रावधान, जो वर्ष 2016-17 के संशोधित अनुमानों से 58.47 प्रतिशत अधिक।
* बारां जिले की अंता तहसील के 17 गाँव तथा तहसील मांगरोल के 30 गाँवों को पेयजल उपलब्ध करवाने हेतु लगभग 105 करोड़ रुपये की योजना।
* 500 अतिरिक्त जनता जल योजनाओं के सुदृढ़ीकरण के कार्य प्रारंभ किये जायेंगे।
* कोटा शहर में चरणबद्ध रूप से 24 घंटे जलापूर्ति हेतु कार्य NCRPB से ऋण लेकर लगभग 850 करोड़ रुपये की लागत से करवाया जायेगा।
* भरतपुर जिले के डीग, कुम्हेर, नगर, कामां तथा नदबई, धौलपुर जिले के बाड़ी, सवाईमाधोपुर जिले के गंगापुर सिटी एवं चुरू जिले के रतनगढ़ व राजलदेसर कस्बे में PPP मोड पर प्रथम चरण में 30 RO प्लांट
* जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के लिए आगामी वर्ष में 8 हजार 647 करोड़ 21 लाख रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है जो कि वर्ष 2016-17 के संशोधित अनुमान से 15.68 प्रतिशत अधिक है।
* गत तीन वर्षों में विद्युत उत्पादन में 5086 मेगावाट क्षमता की वृद्धि
* आगामी दो वर्षों में 1 लाख नये कृषि कनेक्शन
* वितरण निगमों के संघठनात्मक ढाचों का पुनर्गठन कर नये उपखंड और वृत्त कार्यालय खोले जायेंगे।
* बूंद-बूंद, फव्वारा एंव डिग्गी आधारित कृषि कनेक्शनों के लिए कनेक्शन की तिथि से 3 वर्ष पश्चात सामान्य श्रेणी में परिवर्तित करने का निर्णय।
* अजमेर व भरतपुर में दो-दो, कोटा व नागौर में एक-एक पुरातत्व स्थल के संरक्षण कार्य- 6.46 करोड़ रुपये की लागत से।
* CETP भिवाड़ी पर 6MLD RO चसंदज की स्थापना।

मानव संसाधन एवं सामाजिक विकास
* मुख्यमंत्रा विशेषयोग्यजन सम्मान पेंशन योजना के तहत आयु को आधार ना मानकर सभी पात्रा विशेषयोग्यजनों को समान रूप से 750/- रुपये प्रतिमाह की पेंशन दी जायेगी।
* मुख्यमंत्रा एकल नारी सम्मान पेंशन योजना के तहत 60 वर्ष से अधिक आयु की विधवा पेंशनर को 1000/- रुपये प्रतिमाह तथा 75 वर्ष से अधिक आयु की विधवा पेंशनर को 1500/- रुपये प्रतिमाह की पेंशन दी जायेगी।
* राजकीय छात्रावास से दो या दो किलोमीटर से अधिक की दूरी पर स्थित स्कूलों एवं महाविद्यालयों में अध्ययन हेतु जाने पर छात्रावास द्वारा साईकिल उपलब्ध करवाई जायेगी।
* सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के लिए आगामी वर्ष में 5 हजार 596 करोड़ 80 लाख रुपये का प्रावधान।
* आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को work performance के आधार पर प्रतिमाह 250 से 500 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी।
* मुख्यमंत्रा राजश्री योजना के तहत समस्त भुगतान भामाशाह प्लेटफार्म के माध्यम से।
* महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 1 हजार 904 करोड़ 51 लाख रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है, जो कि वर्ष 2016-17 के संशोधित अनुमान से 17.06 प्रतिशत अधिक है।
* जनजाति क्षेत्रा के 4 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में वाणिज्य संकाय तथा एक विद्यालय मे विज्ञान संकाय खोला जायेगा।
* कक्षा 10 एवं 12 में अध्ययनरत् छात्रा-छात्राओं की कैरियर काउंसलिंग करवाई जायेगी।
* एकलव्य माडल आवासीय विद्यालय, निवाई, दानवाव एवं सीमलवाड़ा की क्षमता को 300 से बढ़ाकर 480 किया जायेगा।
* जनजाति क्षेत्राय विकास विभाग के लिए आगामी वर्ष में 596 करोड़ 82 लाख रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है।
* मुख्यमंत्रा जनसहभागिता विद्यालय विकास योजना की तर्ज पर मदरसा जन-सहभागिता योजना लागू की जायेगी।
* संभाग मुख्यालय, कोटा में बालिका फुटबाल, भरतपुर में बालक कुश्ती तथा बीकानेर में साईकि्ंलग अकादमी खोली जायेगी।
* झुंझुनूं में वॉलीबाल अकादमी की स्थापना।
* विशिष्ठ श्रेणी एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के 60 वर्ष से अधिक आयु के खिलाड़ियों के लिए पेंशन योजना।
* सवाईमानसिंह स्टेडयम में एस्ट्रोटर्फ, मेडिटेशन सेंटर एवं ट्रेनिंग ट्रेक को सिंथेटिक्स बनाने संबंधी कार्यों के लिए 6.35 करोड़ रुपये का व्यय।
* ऐसी ग्राम पंचायतें जहां निजी उच्च माध्यमिक विद्यालय संचालित है, में संचालित राजकीय माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 10 में 40 से अधिक नामांकन होने पर उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया जायेगा।
* कला संकाय वाले 112 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान संकाय प्रारंभ की जायेगी।
* राजकीय माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयों में 29.69 करोड़ रुपये की लागत से कंप्यूटर, मल्टी फंक्शनल प्रिंटर तथा इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी।
* शिक्षाकर्मियों, पैराटीचर्स एवं मदरसा पैराटीचर्स के मासिक मानदेय में 1 जुलाई 2017 से 10 प्रतिशत की वृद्धि।
* आगामी वर्ष में 8 नवीन राजकीय महाविद्यालय खोले जायेंगे।
* संभागीय मुख्यालयों पर चयनित राजकीय महाविद्यालयों में स्मार्ट साईंस लैब की स्थापना।
* राज ऋषि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय, अलवर, गोविन्द गुरू जनजातीय विश्वविद्यालय बाँसवाड़ा, पंडित दीन दयाल उपाध्याय शेखावटी विश्वविद्यालय सीकर एवं महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय, भरतपुर के भवन निर्माण हेतु 50 करोड़ रुपये का प्रावधान।
* धौलपुर में 100 करोड़ रुपये की लागत से नवीन चिकित्सालय भवन एवं क्वाटर्स के निर्माण।
* बिलाड़ा जिला जोधपुर में Trauma Centre की स्थापना की जायेगी।
* 14 चिकित्सालयों में महिलाओं में Breast Cancer जांच एवं समुचित ईलाज करवाने हेतु कार्यक्रम प्रारंभ किया जायेगा।
* राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 2017-18 में 397.91 करोड़ रुपये का प्रावधान।

डिजिटल राजस्थान एवं सुशासन
* सातवें वेतन आयोग की सिफिरिशों के परिप्रेक्ष्य में राज्य कर्मचारियों को देय लाभ हेतु गठित राज्यस्तरीय कमेटी की सिफारिशें प्राप्त होने पर शीघ्र निर्णय लिया जायेगा।
* 50 वर्ष से अधिक आयु के अराजपत्रित कर्मचारियों को तीन वर्ष में एक बार निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की सुविधा।
* सभी अटल सेवा केन्द्रों पर ई-मित्रा Service ATM स्थापित किये जायेंगे।
* आगामी वर्ष में सभी प्रमुख विभागों में file tracking system लागू किया जायेगा।
* सभी ब्लॉक मुख्यालय एवं नगर निकाय मुख्यालय को connected with fibre किया जायेगा।
* अटल सेवा केन्द्रो पर WiFi सेवा| 
* आगामी वर्ष सभी जिलों को command and control centres से जोड़ा जायेगा।
* खनन से संबंधित कार्यों के लिए online system को integrate किया जायेगा।
* 6 संभागीय मुख्यालयों पर Cyber forensic Cell प्रारंभ किये जायेंगे।
* आगामी वर्ष में भी न्याय आपके द्वार अभियान जारी रखा जायेगा।
* 289 SDO कार्यालयों के आधुनिकीकरण हेतु 29 करोड़ रुपये का प्रावधान।
* निर्माणाधीन उप-तहसील, तहसील तथा SDO कार्यालयों एवं आवास निर्माण हेतु 125 करोड़ रुपये का प्रावधान।
* राजस्व कार्यालयों के लिए नाकारा वाहन के बदले नये वाहन उपलब्ध कराने हेतु 8.33 करोड़ रुपये का प्रावधान।
* तकनीकी रूप से सुदृढ़ किये जाने के लिए भू-प्रबंध विभाग का पुनर्गठन।
* ग्राम मोरवानिया, तहसील गिरवा जिला उदयपुर में नवीन पुलिस ट्रेनिंग स्कूल की स्थापना।
* कांस्टेबल के रिक्त पदों के विरूद्ध पुलिस विभाग में 5500 कांस्टेबलों की भर्ती।
* गृह विभाग के लिए आगामी वर्ष में 5 हजार 653 करोड़ 69 लाख रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है, जो कि वर्ष 2016-17 के संशोधित अनुमान से 11.83 प्रतिशत अधिक

स्थानीय स्व-शासन
* आगामी वर्ष में अन्नापूर्ण रसोई योजना को राज्य की सभी नगरीय निकायों में प्रारंभ किया जायेगा।
* प्रदेश के 29 शहर अमृत योजना के तहत चयनित हैं। इस योजना के तहत 3223.94 करोड़ रुपये के 95 प्रोजेक्ट चिन्हित
* राज्य की 179 नगरीय निकायों में वर्ष 2017-18 में 357 करोड़ रुपये की लागत से गौरव पथ निर्माण के कार्य करवाये जायेंगे।
* आगामी वर्ष में राज्य के सभी 190 शहरों में 625 स्थानों पर वाई फाई सुविधा।
* Community bathing units for women to be built in Panchayats through convergence of various schemes.
* गुरू गोलवलकर जन-भागीदारी विकास योजना में प्रावधान को बढ़ाकर 125 करोड़ रुपये।
* Villages with 5000 plus population to become Smart Villages through convergence of various schemes.

निवेश एवं आर्थिक वृद्धि
* सभी विभागों से संबंधित स्वीकृतियों एवं अनुपालना रिपोर्टस की सुविधा single window portal पर उपलब्ध करवाई जायेगी।
* CIPET जयपुर में 51.32 करोड़ रुपये की लागत से High Learning Centre की स्थापना।
* RIICO द्वारा उद्यमियों को प्रदत्त समस्त सेवाओं का प्रबंधन वदसपदम किया जायेगा।
* RIICO द्वारा 5 औद्योगिक क्षेत्रों में अग्निशमन केन्द्र स्थापित किये जायेंगे।
* जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर तथा वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय कोटा में उद्यमिता शिक्षण केन्द्र खोला जायेगा।
* Allotment of mines, RCC and ERCC contract through E-auction.
* प्रदेश में खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के कल्याणार्थ जनोपयोगी कार्यों पर 500 करोड़ रुपये का व्यय किया जायेगा।

कौशल राजस्थान एवं रोजगार
* बेरोजगार युवकों / युवतियों को अक्षत योजना के तहत दी जा रही सहायता राशि में वृद्धि।
* देश के प्रथम राजकीय कौशल विश्वविद्यालय ‘‘राजस्थान आईएलडी स्किल्स यूनिवर्सिटी‘‘ ILD की जामडोली, जयपुर में स्थापना।
* 18 पंचायत समितियों में नवीन राजकीय ITI प्रारंभ की जायेंगी।
* 69 ITI’s में मशीनरी एवं उपकरण उपलब्ध कराने हेतु 146.19 करोड़ रुपये का प्रावधान।
* राजकीय कारागृह ITI जयपुर में आगामी सत्रा से 2 नये ट्रेड computer operator एवं Programming Assistant in Govt. Jail खोले जायेंगे।
* राजकीय प्ज्प् धौलपुर, झालावाड़ एवं राजसमन्द में मैकेनिक मोटर व्हीकल ट्रेड खोला जायेगा।
* नीमराणा में Japan India Manufacturing Institute की स्थापना की जायेगी।
* श्रम एवं रोजगार विभाग के लिए आगामी वर्ष में 1 हजार 7 करोड़ 44 लाख रुपये का प्रावधान, जो कि वर्ष 2016-17 के संशोधित अनुमान से 21.32 प्रतिशत अधिक
* राज्य के 71 राजकीय मॉडल विद्यालयों में Start-up boot clubs की स्थापना।
* राज्य में Bio-technology and rural technology business incubation centres की स्थापना।

वाणिज्यिक कर विभाग
* लगभग 80 प्रतिशत व्यवहारियां ने जी.एस.टी. के अन्तर्गत प्राथमिक एनरोलमेंट करा लिया है।
* अधिकारियों को जी.एस.टी कानून सम्बन्धी प्रशिक्षण दिया गया है। 75 अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में जी.एस.टी नेटवर्क सम्बन्धित प्रशिक्षण दिया गया है जो आने वाले महीनों में सभी फील्ड अधिकारियों तथा अन्य हितधारकों को प्रशिक्षण देगें।
* हितधारकों को जागरूक करने के लिये संभाग एवं जिला स्तर पर जी.एस.टी कानून तथा जी.एस.टी नेटवर्क सम्बन्धित वर्कशॉप आयोजित किये गये।
* जी.एस.टी. के लिये केन्द्रीयकृत कॉल सेंटर तथा सिमुलेशन सेंटर जयपुर में स्थापित किये जायेगें।
* संभाग स्तर पर एवं जिला स्तर पर जी.एस.टी. हेल्प डेस्क स्थापित किये जायेगें।
* प्रस्तावित जी.एस.टी अधिनियम को मध्यनजर रखते हुये वाणिज्यिक कर विभाग का पुनर्गठन किया जायेगा।
* वैट, प्रवेश कर, विलासिता कर तथा मनोरंजन कर के लिये वर्ष 2015-16 एवं आगे के वर्षों के लिये डीम्ड एसेसमेंट योजना अधिसूचित की जायेगी।
* प्रशमन योजनाओं की शर्तों की पालना न कर सकने वाले सर्राफा, जेम्स एण्ड स्टोन, पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट तथा टेंट व्यवहारियों को राहत।
* मनोरंजन कर अधिनियम के अन्तर्गत ब्याज एवं पेनल्टी वेव करने के प्रावधान प्रस्तावित।
* ऑनलाइन अपील प्रस्तुत नहीं किये जाने के कारण हार्ड कॉपी में प्रस्तुत की गई अपील को अपीलीय अधिकारी द्वारा ग्राह्य करने के प्रावधान किये गये।
* ऑनलाइन जेनरेट किये गये घोषणा पत्रों में त्राटि संशोधन की समयावधि बढ़ाई गई।
* अतिरिक्त कार्य/भुगतान मिलने की दशा में ठेकेदार को पूर्व में जारी मुक्ति प्रमाण पत्रा के लाभ लेने हेतु 60 दिवस की सीमा को बढ़ाया गया है।
* वर्क्स कॉन्ट्रेक्टर को राहत हेतु वर्ष 2015-16 के लिये फॉर्म वैट-40ई में संशोधन की तिथि 31.03.2017 तक बढ़ाई गई।
* वर्ष 2015-16 के वार्षिक रिटर्न फॉर्म वैट-11 को रिवाइज करने की तिथि 15.04.2017 तक बढ़ाई गई।
* राज्य के बाहर से पूर्णतः जॉब वर्क हेतु लाये गये यार्न पर प्रवेश कर से मुक्ति।
* सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को राहत देने हेतु 50 लाख रूपये तक की टर्नओवर वाले विनिर्माताओं को भी कम्पोजिशन का लाभ दिया गया। इनसे टर्नओवर पर दो प्रतिशत कर राशि ली जायेगी।
* 80 रूपये मूल्य तक के कॉम्बीनेशन प्लायर कर मुक्त किये गये।
* राज्य में सरसों तथा तिलहन फसलों के उपयोग को बढ़ावा देने की दृष्टि से रिप्स 2014 के अन्तर्गत ऑयल मिल्स को भी लाभ दिये गये।
* पिछडे एवं अतिपिछडे क्षेत्रों में स्थापित होने वाले उद्योगों में राजस्थान के मूल निवासी को रोजगार प्रदान करने वाली ईकाइयों को अतिरिक्त लाभ।

पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग
* स्टाम्प रिफण्ड के आवेदन पत्रा ई-पंजीयन सॉफ्टवेयर पर ऑनलाईन प्रस्तुत करने की सुविधा दी जायेगी।
* राजधरा एप के माध्यम से अचल सम्पत्ति का मौका निरीक्षण करने की व्यवस्था की जायेगी।
* स्टाम्प वेण्डरों के नवीन अनुज्ञा पत्रा/नवीकरण के प्रार्थना-पत्रा विभाग के सॉफ्टवेयर पर ऑनलाईन प्रस्तुत करने की सुविधा दी जायेगी।
* राज्य के 200 उप पंजीयक कार्यालयों में ई-पंजीयन सॉफ्टवेयर के माध्यम से पंजीयन कार्य प्रारंभ किया जायेगा।
* 100 उप पंजीयक कार्यालयों में ई-स्टाम्प सुविधा प्रदान की जायेगी।
* पैतृक सम्पत्ति के हकत्यागपत्रों पर स्टाम्प ड्यूटी में रियायत का लाभ बुआ और भतीजे के पक्ष में निष्पादित हकत्यागपत्रों पर भी दिया जायेगा।
* वाणिज्यिक विज्ञापन हेतु निष्पादित इकरारनामों पर स्टाम्प ड्यूटी की दर को तर्कसंगत किया जायेगा।
* 100 से 500 वर्गमीटर तक क्षेत्राफल के वाणिज्यिक भूखण्डों पर भूमि दरों में 5 प्रतिशत एवं 500 वर्गमीटर से अधिक पर 10 प्रतिशत रियायत प्रदान की जायेगी।
* साम्यिक बंधक के संव्यवहार को पूर्ण करने के लिए मुख्य दस्तावेज के अतिरिक्त निष्पादित सहायक दस्तावेजों पर स्टाम्प ड्यूटी में राहत प्रदान करने के लिए राजस्थान स्टाम्प अधिनियम, 1998 की धारा-5 में संशोधन किया जायेगा।
* मुख्यमंत्रा जन आवास योजना-2015 के अन्तर्गत नगरीय स्थानीय निकायों के साथ-साथ प्राईवेट डलवपर्स द्वारा आवंटित आवासों के दस्तावेजों पर भी स्टाम्प ड्यूटी में रियायत का लाभ दिया जायेगा।
* दस्तावेज पंजीयन के समय अधिक जमा स्टाम्प ड्यूटी के रिफण्ड के लिए प्रावधान किए जायेंगे।
* पैतृक सम्पत्ति से भिन्न सम्पत्ति के विभाजन पत्रों पर स्टाम्प ड्यूटी 5 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत एवं पंजीयन शुल्क 1 प्रतिशत से घटाकर 0.25 प्रतिशत एवं अधिकतम 10,000/- रूपये किया जायेगा।
* अचल सम्पत्ति के विक्रय इकरारनामा एवं विक्रय का अधिकार देने वाली पॉवर ऑफ अटोर्नी के दस्तावेज पर स्टाम्प ड्यूटी की दर को क्रमशः 3 प्रतिशत एवं 2 प्रतिशत से घटाकर 0.5 प्रतिशत एवं पंजीयन शुल्क 1 प्रतिशत से घटाकर 0.25 प्रतिशत एवं अधिकतम 10,000/- रूपये किया जायेगा।
* बिना कब्जे वाले ऋण दस्तावेजों पर स्टाम्प ड्यूटी की अधिकतम सीमा 10 लाख रूपये से घटाकर 5 लाख रूपये की जायेगी।
* पारिवारिक समझौता-पत्रा के दस्तावेज पर पंजीयन शुल्क 1 प्रतिशत से घटकार 0.25 प्रतिशत अधिकतम 10,000/- रूपये किया जायेगा।
* स्टार्ट-अप, उच्चतर शिक्षा एवं मुद्रा योजना के अन्तर्गत दिये जाने वाले ऋण के दस्तावेजों तथा रिवर्स मोरगेज के दस्तावेज पर स्टाम्प ड्यूटी पर प्राप्त 100 प्रतिशत रियायत को दिनांक 31.03.2017 से बढाकर 31.03.2018 किया जायेगा।
* उपनिवेशन क्षेत्रा में कृषि भूमि आवंटन के पेटे बकाया किश्तों की राशि 01.04.2017 से 30.09.2017 की अवधि में एकमुश्त जमा कराये जाने पर प्रभारित ब्याज में छूट दी जायेगी।

Rajasthan first state to firm up private investments in affordable housing ; 4 MoUs signed

Rajasthan Government has taken lead in promoting affordable housing by signing four Memoranda of Understanding firming up an investment of Rs.5,400 cr. These four MoUs were a part of 27 MoUs signed entailing an investment of Rs.12,478 cr in housing and urban development projects in Jaipur today in the presence of Minister of Urban Development Shri M.Venkaiah Naidu and Chief Minister Smt.Vasundhara Raje Scindhia. These include 14 MoUs for promoting housing projects with an investment of Rs.9,273 cr. Tata Housing Development Company Ltd has committed to invest Rs.2,000 cr in affordable and mixed use township over an area of 10.12 hectares. Mahima Real Estate Private Ltd has signed MoU with the state government to invest Rs.1,700cr in affordable housing and group housing followed by National Building Construction Corporation (NBCC) and Wish Empire who have undertaken to invest Rs.500 cr each in Rajasthan.The 14 housing related investment projects are expected to provide employment to 26,650 persons. Total employment from the 27 MoUs signed today is expected to be 38,950. Other MoUs related to Medical and Health Care, Education, Industry and Tourism in different parts of Rajasthan.
Speaking on the occasion, Shri M.Venkaiah Naidu complimented Rajasthan for being in the forefront of implementing new urban sector initiatives. He said that the MoUs mobilizing investments in affordable housing will act as light house to others. Shri Naidu further said that Rajasthan was the first state to submit AMRUT action plan to the Ministry of Urban Development, first to identify 40 cities for taking up housing projects under Housing for All Mission in urban areas and the first state to ensure complete convergence in implementing Smart City Mission, Atal Mission (AMRUT), Heritage Mission and Housing Mission. Shri Naidu noted that there is a new churning and new beginning by urban local bodies and the States since the launch of Smart City Mission and a new enthusiasm to address the challenges of urbanization in the country. The Minister said that recasting of country’s urban landscape is a challenging task given the inadequacy of basic infrastructure in urban areas which also offered immense investment opportunities. The Minister gave details of the benchmarks and actual availability in respect of basic services pointing out gaps in the range of 31% in respect of toilets and to a high of 96% in case of reuse and recycling of urban waste.

CM unveils ‘Affordable Housing’ and ‘Allotment Of Land’ Policies

Chief Minister Smt. Vasundhara Raje unveiled two important policies pertaining to affordable housing and allotment of land for different purposes in urban areas at the Secretariat in Jaipur on Saturday. The Chief Minister said that these policies would be new milestones in the journey of policy reforms. Both the policies would go a long way in ensuring affordable housing and making simple and easy allotment of land for different purposes in urban areas. She said that with the increasing prices of land and building materials, it was indeed a challenge to provide housing to thousands of urban poor in various cities at reasonable and affordable rates. She said that the government had reshaped the earlier policy for affordable housing which was launched in 2009. In the new policy incentives had been offered for developers in such a way that they get motivated to construct EWS and LIG houses on both, private as well as government land.
Smt. Raje said that the new policy would also motivate government agencies to take up construction of affordable houses. For smooth implementation of the policy a committee had been set up under the chairmanship of Urban Development Minister. She invited various bodies of the real estate developers to participate in the forthcoming Resurgent Rajasthan Partnership Summit scheduled to be held in Jaipur in November. She said that global investors summit had galvanized the government into taking fast and effective steps and action in various sectors. The housing sector, she said, was our key focus area – both from the perspective of inviting investment and providing employment.
On the policy for allotment of land in urban areas, the CM said that with this the process of allotment of land in urban areas would become faster and smoother for investors. The procedures and norms of allotment for various purposes had been included in the policy, which make it transparent. Clear and simple procedures were specified in the policy, she added. The policy took in account land allotment for charitable and social institutions, industrial and public utilities, premier institutions, political parties and government departments, she said.
Urban Development Minister Shri Rajpal Singh Shekhawat said that although the procedure for land allotment had been made easier, yet the government aimed to keep a strict check on proper use of allotted land. To expedite process of construction, developers would be facilitated with fast track approvals. He further said that the land allotment policy and related details would be available in public domain.
Prior to this, Additional Chief Secretary, Urban Development & Housing, Shri Ashok Jain gave a presentation outlining the salient features of both the policies. He explained various provisions for residential schemes, proposed industrial areas, development of affordable housing by private developers on private land, development of EWS/LIG flats by private developers on whole of private or government land. The Chief Minister also interacted with the representatives of real estate bodies, including CREDAI, as well as bankers. Several members of the State Cabinet, Public representatives and seniors officers were present on the occasion.

Monetary Policy of RBI

Monetary Policy of RBI in India: Monetary policy is the process by which monetary authority of a country, generally a central bank controls the supply of money in the economy by its control over interest rates in order to maintain price stability and achieve high economic growth. In India, the central monetary authority is the Reserve Bank of India (RBI). is so designed as to maintain the price stability in the economy. 
Other objectives of the monetary policy of India, as stated by RBI, are:
1. Price Stability
2. Controlled Expansion Of Bank Credit
3. Promotion of Fixed Investment
4. Restriction of Inventories and stocks
5. To Promote Efficiency
6. Reducing the Rigidity
Major Monetary Operations:
1. Cash Reserve Ratio (CRR):  Cash Reserve Ratio is a certain percentage of bank deposits which banks are required to keep with RBI in the form of reserves or balances. Higher the CRR with the RBI lower will be the liquidity in the system and vice versa. RBI is empowered to vary CRR between 15 percent and 3 percent. But as per the suggestion by the Narsimham committee Report the CRR was reduced from 15% in the 1990 to 5 percent in 2002. 
2. Statutory Liquidity Ratio (SLR): Every financial institution has to maintain a certain quantity of liquid assets with themselves at any point of time of their total time and demand liabilities. These assets have to be kept in non cash form such as G-secs precious metals, approved securities like bonds etc. The ratio of the liquid assets to time and demand liabilities is termed as the Statutory liquidity ratio.There was a reduction of SLR from 38.5% to 25% because of the suggestion by Narshimam Committee.
3. Bank Rate Policy: The bank rate, also known as the discount rate, is the rate of interest charged by the RBI for providing funds or loans to the banking system. This banking system involves commercial and co-operative banks, Industrial Development Bank of India, IFC, EXIM Bank, and other approved financial institutes.

Rajasthan Budget 2014-15 Hindi, English

Rajasthan Budget 2014-15 Highlights Live: Rajasthan Budget 2014-15 is presented today, 14th July 2014 by the Chief Minister of Rajasthan Hon. Vasundhara Raje in the Assembly of Rajasthan. She will present 1st full Financial budget of Rajasthan after formation of Government last year while . There are lots of expectations of Rajasthan people for Rajasthan Budget 2014-2015.The expected drought and weak Mansoon so far will be big challange for current financial year. The common man that voted Raje-led BJP government with thumping majority is hoping major relief on things that impact their daily life. Rajasthan Budget 2014-2015 Highlights Live streaming will begins today from 11 AM onwards.

Rajasthan Full Budget 2014-15 in PDF Format Hindi

Rajasthan Full Budget 2014-15 in PDF Format English

For More on Budget 2014-15 visit: http://finance.rajasthan.gov.in/speech/budget201415m.shtm

Rajasthan Budget 2014-2015 Highlights:
Salient Features of the Modified Budget 2014-15 presented on 14.07.2014
Plan Outlay & other Fiscal Indicators
- Total Plan outlay for 2014-15 Rs.69,820 crore compared to Rs.40,500 crore of 2013-14. An increase of 72%.
- Estimated Revenue Surplus for 2014-15 Rs.737 crore.
- Estimated Fiscal Deficit for 2014-15 Rs.20,186 crore which is 3.52% of GSDP.
- Estimated budgetary deficit for 2014-15 Rs.3,151 crore.
- Estimated total revenue receipts for 2014-15 Rs.1,06,124 crore.
- Estimated own tax revenue for the year 2014-15 Rs.40655 crore against Rs.34452 crore in the 2013-14 RE, which is higher by 18 percent.
- Estimated own tax revenue for 2014-15 as percentage of GSDP is 7.1
- Estimated interest payment in 2014-15 is Rs.10470 crore which is 9.87% of total revenue receipts.
- Estimated capital outlay during 2014-15 Rs. 20565 crore
Economic & Social Infrastructure Development Roads
- Major Programme of developing of State Highways, Major District Roads and other District Roads of 20,000 kms. at the cost of Rs.70,000 crore. State Government to contribute Rs.20,000 crore.
- 6 roads of 1000 kms. to be developed as East-West Corridor.
- Establishment of Rajasthan State Highway Authority.
- Developing one road in every Panchayat under "Gramin Gaurav Path Scheme".

Rajasthan Interim Budget 2014-15

Rajasthan Interim budget 2014-15 Highlights, Full Budget: Rajasthan Interim Budget 2014-2015 was presented by the Chief Minister of Rajasthan Hon. Vasundhra Raje in the Assembly of Rajasthan. She present 1st Financial budget of Rajasthan after formation of New Government in December 2013. Rajasthan Chief Minister Vasundhara Raje on Thursday presented an interim budget without any new tax or relief for the first quarter of fiscal year 2014-15, while laying emphasis on controlling the revenue and fiscal deficits estimated at Rs.2,505 crore and Rs.18,301 crore respectively. Ms. Raje, who also holds the Finance portfolio, said in her budget speech in the Assembly that the fiscal deficit was likely to be 3.56 per cent of the Gross State Domestic Product (GSDP) of Rs.5,13,688 crore, which was beyond the ceiling of 3 per cent laid down by the Fiscal Responsibility and Budget Management (FRBM) Act. “The total expenditure during 2014-15 has been estimated at Rs.1,12,955 crore. Against the revenue expenditure of Rs.90,752 crore, the revenue receipts will be Rs.91,483 crore. We are committed to bringing the fiscal deficit to less than 3 per cent of the GSDP,” she said. Ms. Raje later told journalists that the government would continue work on the oil refinery project in Barmer district and the Jaipur Metro Rail Project, started by the Ashok Gehlot regime, with revised budgetary allocations. 

Rajasthan Interim budget 2014-15 Highlights
Rajasthan Interim Budget 2014-15 Full in PDF Hindi and English

Rajasthan Full Budget 2014-15 on 14th July 2014

Intellectual Property Right and Technology

Intellectual Property Right: Intellectual property rights are the rights given to persons over the creations of their minds. Intellectual property (IP) is a legal concept which refers to creations of the mind for which exclusive rights are recognized. Under intellectual property law, owners are granted certain exclusive rights to a variety of intangible assets, such as musical, literary, and artistic works; discoveries and inventions; and words, phrases, symbols, and designs. Common types of intellectual property rights include copyright, trademarks, patents, industrial design rights, trade dress, and in some jurisdictions trade secrets. They usually give the creator an exclusive right over the use of his/her creation for a certain period of time.
Intellectual property rights are customarily divided into two main areas:
1. Copyright and rights related to copyright:
The rights of authors of literary and artistic works (such as books and other writings, musical compositions, paintings, sculpture, computer programs and films) are protected by copyright, for a minimum period of 50 years after the death of the author.
2. Industrial property:
One area can be characterized as the protection of distinctive signs, in particular trademarks (which distinguish the goods or services of one undertaking from those of other undertakings) and geographical indications (which identify a good as originating in a place where a given characteristic of the good is essentially attributable to its geographical origin). The protection of such distinctive signs aims to stimulate and ensure fair competition and to protect consumers, by enabling them to make informed choices between various goods and services. The protection may last indefinitely, provided the sign in question continues to be distinctive.
Other types of industrial property are protected primarily to stimulate innovation, design and the creation of technology. In this category fall inventions (protected by patents), industrial designs and trade secrets.

Important Fact about Currency of India, World

Important Fact about India Currency, Currency across World:
* The first coins were minted (made) around 2500 years ago.
* Paper money was first used in China over 1000 years ago.
* The first "rupee” was first introduced by Sher Shah Suri. It was based on a ratio of 40 copper pieces (paisa) per rupee.
* Udaya K Dharmalingam is the designer of the Indian rupee Symbol, which was adopted by the Government of India in 2010.Indian Rupee
* From 1953, Hindi was displayed prominently on the new notes.
* The Government of India took over the issue of banknotes in 1861 from the Private and Presidency Banks.
* The first series of coins with the Indian rupee symbol was launched on 8 July, 2011.
* The first 1000Rs Note was introduced in 2000.
* The first 20Rs and 5Rs note was introduced in 2001.
* Decimalization started in 1957 and the rupee was divided into 100 Naye Paise.
* Total 15 Languages (Apart from English) are printed in Indian Rupee Note. They are Assamese, Bengali, Gujarati, Kannada, Kashmiri, Konkani, Malayalam, Marathi, Nepali, Oriya, Panjabi, Sanskrit, Tamil, Telugu and Urdu.
* In India, the first paper banknote was published by Bank of Hindustan in 1770.
* The current Mahatma Gandhi series of banknotes stared from 1996 with new series of 10Rs notes.
* Indian coins are produced in 4 cities: Delhi, Mumbai, Hyderabad, Kolkata. The coins produce from each city puts an identification mark under the year of issue. Coins produced in Delhi have a dot mark, Mumbai have diamond mark, Hyderabad have star mark and coin produce from Kolkata have nothing beneath the year.
* Credit cards were first used in the United States in the 1920’s.
Important Currency & Countries:
Country
Currency Name
 Afghanistan
Afghan Afghani
 Argentina
Argentine Peso
 Australia
Australian Dollar
 Austria
Euro
 Bangladesh
Bangladeshi Taka
 Belgium
Euro
 Bhutan
Bhutanese Ngultrum
 Brazil
Brazilian Real
 Bulgaria
Bulgarian Lev
 Burma
Burmese Kyat
 Cambodia
Cambodian Riel
 Canada
Canadian Dollar
 Chile
Chilean Peso
 China
Chinese Yuan
 Czech Republic
Czech Koruna
 Denmark
Danish Krone
 France
Euro
 Germany
Euro
 Greece
Euro
 Hong Kong
Hong Kong Dollar
 India
Indian Rupee
 Indonesia
Indonesian Rupiah
 Iran
Iranian Rial
 Iraq
Iraqi Dinar
 Italy
Euro
 Japan
Japanese Yen
 Malaysia
Malaysian Ringgit
 Mexico
Mexican Peso
 Russia
Russian Ruble
 Saudi Arabia
Saudi Riyal
 South Africa
South African Rand
 Switzerland
Swiss Franc
 United Arab Emirates
United Arab Emirates Dirham
 United Kingdom
British Pound
 United States
United States Dollar